ये न थी हमारी किस्मत

By heenaparekh  

ये न थी हमारी किस्मत कि विसाले यार1 होता

अगर और जीते रहते, यही ईन्तिजार होता

तेरे वादे पे जिए हम, तो ये जान, झूठ जाना

कि खुशी से मर न जाते, अगर एतिबार होता

तेरी नाजुकी से जाना कि बॅंधा था अहद बोदा2

कभी तू न तोड सकता, अगर उस्तुवार3 होता

कोई मेरे दिल से पूछे तेरे तीरे नीमकश4 को

ये खलिश5 कहां से होती, जो जिगर के पार होता

ये कहॉं की दोस्ती है कि बने हैं दोस्त, नासेह

कोई चारासाज6 होता, कोई गमगुसार होता

रगे-संग7 से टपकता वो लहू कि फिर न थमता

जिसे गम समझ रहे हो, ये अगर शरार8 होता

गम अगर्चे ज़ॉंगुसिल9 है, पे कहॉं बचें कि दिल है

गमे ईश्क गर न होता, गमे रोजगार10 होता

कहूं किससे मैं कि क्या है, शबे गम बुरी बला है

मुझे क्या बुरा था मरना, अगर एक बार होता

हुए मरके हम जो रुसवा, हुए क्यूं न गर्के दरिया11

न कभी जनाजा उठता, न कहीं मजार होता

उसे कौन देख सकता कि यगाना12 है वो यक्ता13

जो दुई14 की बू भी होती तो कहीं दुचार15 होता

ये मसाईले तसव्वुफ16, ये तेरा बयान गालिब

तुझे हम वली समझते, जो न बादाख्वार17 होता

( गालिब )

[ 1. मित्र मिलन, 2. झूठी प्रतिज्ञा, 3. मजबूत, 4. अधखींचा तीर, 5. चुभन, 6. उपचारक, 7. पत्थर की नस, 8. चिंगारी, 9. कष्टकारी, 10. सांसारिक चिंता, 11. दरिया में डूबना, 12. अलग से, 13. अकेला, 14. द्वेष-झगडा, 15. सामने आना, 16. भक्ति की समस्याएं, 17. शराबी ]

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2 Comments

  1. Posted February 26, 2009 at 1:02 am | Permalink | Reply

    बहुत सुंदर…..आपके इस सुंदर से चिटठे के साथ आपका ब्‍लाग जगत में स्‍वागत है…..आशा है , आप अपनी प्रतिभा से हिन्‍दी चिटठा जगत को समृद्ध करने और हिन्‍दी पाठको को ज्ञान बांटने के साथ साथ खुद भी सफलता प्राप्‍त करेंगे …..हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।

  2. Vishal Verma
    Posted February 28, 2009 at 11:48 pm | Permalink | Reply

    Bahut hi umda gajal lekar aye hai aap. suni to kayi bar thi lekin padh kar maza aa gaya.

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