प्रचार-इमरोज़

मैं आपका कल का
प्रचार सुनकर आई हूं
कल आप ने कहा था
कि आपका ग्रंथ औरत की इज्जत करता है
पर आप के ग्रंथ को मानने वाले
हर रोज अपनी औरतों के साथ
हर तरह की बदतमीजियां किये जा रहे हैं
प्रचार और असलियत में इतना फासला ?
जिन्दगी ने प्रचारक के पास बैठकर
उसे कहा

प्रचारक का जिन्दगी के साथ
इस तरह का वास्ता नहीं पडा होगा
वह चुपचाप सुनता भी रहा और चुप भी रहा…

जिन्दगी ने फिर पूछा
अपने ग्रंथ में देख कर बताइये
कि इस में ये वाक्य कहीं है
कि औरत हमारी ईज्जत है…

प्रचारक ग्रंथ पर झुक कर
घंटो ग्रंथ को देखता रहा
पर वह वाक्य नहीं मिला उसे…
प्रचारक को चुप सा देख कर
जिन्दगी वहां से उठ आई…

औरत हमारी इज्जत है
ये वाक्य जिन्दगी के लिए
जिन्दगी में जरुरी है
किसी ग्रंथ के लिए नहीं…
( इमरोज़ )

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