बच्चा हुआ है-मनमीत सोनी

कुछ महीनों पहले तक
जब भी कहीं आस-पास थाली बजती थी
माँ दौड़कर जाती थी छत पर
और नीचे आकर हम सबसे कहती थी
“उनके यहाँ बच्चा हुआ है”
माँ की ख़ुशी में
कम से कम मैं तो शरीक़ नहीं होता था
मुझे यही लगता था
“बच्चा ही तो पैदा हुआ है”
अब जब मुहल्ले के
हर दूसरे-तीसरे घर में मातम पसरा है
मैं अकेला छत पर खड़ा रहता हूँ
एक अदद थाली की आवाज़ सुनने के लिए
मैं
थाली की आवाज़ सुनकर
नीचे वाले कमरे में जाना चाहता हूँ
और माँ को बताना चाहता हूँ
“उनके यहाँ बच्चा हुआ है”

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