याद रखना एक बात-निलाक्ष मिश्रा “अस्तित्व”

ठहरोगे
तो कुचल दिया जाएगा
तुम्हारी चेतना को..
.
दौड़ोगे तो
काट दिया जाएगा
तुम्हारी टांगों को..
.
तुम्हारी हँसी को
बेशर्म हँसी कहा जाएगा..
.
पर याद रखना एक बात
किसी के
एहसानों तले नहाने से बेहतर होगा
अपने रक्त से नहा लेना…
ऐसा करने से बच जाओगे
अपने मूँह पर थूके जाने से..
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( निलाक्ष मिश्रा “अस्तित्व” )

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