पेट्रोल, गैस और कामरेड-मनमीत सोनी

आज सुबह बहुत ख़ुश था कामरेड

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कह रहा था :

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“युद्ध हो रहा है भाईसाहब युद्ध!”

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मैंने कहा :

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“तो”?

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तो हँसी को दबाकर
आवाज़ में गंभीरता का अभिनय करते हुए बोला :

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“अब तो गया साला मोदी!”

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मैंने पूछा :

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“कैसे गया मोदी?”

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तो उसने बातों की रेलगाड़ी ही चला दी :

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“अब पेट्रोल महंगा हो जाएगा”
“अब गैस महंगी हो जाएगी”
“अब लम्बी लम्बी लाइन लगेगी”
“अब लोग ब्लैक मार्केटिंग करेंगे”
“अब मारा-पीटी छीना-झपटी होगी”
“अब धारा एक सौ चौवालीस लगेगी”
“अब राहुल गाँधी का महत्व समझ आएगा”
“अब कांग्रेस मज़बूत बनकर उठेगी”
“अब इतना संकट होगा कि मध्यावधि चुनाव होंगे”
“अब चुनाव में मोदी हारेगा”
“अब मोदी पर केस होंगे”
“अब मोदी जेल जाएगा”
“अब मोदी वाले सपोर्टर रोयेंगे”
“अब अल्पसंख्यक मज़बूत होंगे”
“अब असली लोकतंत्र की स्थापना होगी”
“अब भारत नेहरू का भारत बनेगा”
“अब भारत गाँधी का भारत बनेगा”

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इतना कहते कहते
हांफने लगा कामरेड

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और
ज़मीन पर उकडू बैठ गया!

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मैंने कामरेड को उठाया
थोड़ा-सा पानी पिलाया
यू ट्यूब पर “आज तक” लगाया
भारत सरकार की प्रेस कॉन्फ्रेंस दिखाई
और फिर धीरे से बताया :

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होरमुज़ स्ट्रेट में
भारतीय जहाज़ों को अनुमति मिल गई है कामरेड!

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कामरेड के चेहरे का तो
रंग ही उड़ गया

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उसने कहा
इण्डिया टीवी लगाओ

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उसने कहा
एबीपी न्यूज़ लगाओ

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उसने कहा
आर. भारत लगाओ

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उसने कहा
Ndtv लगाओ

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उसने कहा
सब के सब झूठे हैं

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जल्दी से देखो
क्या रवीश कुमार की कोई वीडियो आई है
क्या पुण्य प्रसून वाजपेई की कोई वीडियो आई है
क्या अभिसार शर्मा की कोई वीडियो आई है
क्या ध्रुव राठी की कोई वीडियो आई है

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मैं समझ गया था
अगर कामरेड को थोड़ा और पानी नहीं पिलाया
तो इसका राम नाम सत्य हो जाएगा

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हालांकि किसी भी भारतीय कामरेड का
“राम नाम सत्य” कभी नहीं होता
एक सच्चे भारतीय कामरेड का
हमेशा ही “इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन” होता है

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मैंने कामरेड को
गाड़ी में बिठाया
गाड़ी स्टार्ट की
गाड़ी पेट्रोल पम्प तक पहुंची ही थी

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कि कामरेड चीख़ उठा :

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“पेट्रोल ख़त्म”
“पेट्रोल ख़त्म”
“पेट्रोल ख़त्म”

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लेकिन कामरेड को फिर झटका लगा
जब मैंने गाड़ी की टंकी फुल करवाई

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कामरेड को ड्रिप लगी
कामरेड को ORS पिलाया गया
कामरेड को विटामिन b12 और d3 की सुईयां लगीं
तब जाकर कुछ नॉर्मल हुआ कामरेड


हॉस्पिटल से छुट्टी मिली
तो लंगड़ाते हुए बाहर आया कामरेड
जुबान पर जैसे लकवा पड़ गया था

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कामरेड बुदबुदा रहा था :

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“एक मौक़ा और गया”
“एक मौक़ा और गया”
“एक मौक़ा और गया”


दोस्तो!

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बहुत मुमकिन है
कि महंगा हो गया हो पेट्रोल
कि महंगी हो गई हो गैस

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लेकिन कितना सस्ता हो गया है
हमारा कामरेड

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दोस्तो!

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मेरे मन में तो हँसी के फव्वारे छूट रहे हैं
इसलिए कामरेड को फोन नहीं कर सकता
लेकिन आप ज़रूर कर सकते हैं
कृपया आप तो पूछिए
क्या कामरेड ठीक है या नहीं

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कहीं ऐसा तो नहीं
कि सड़कों पर पैदल निकल गया हो कामरेड

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गैस एजेंसी के सामने
भीड़ नहीं पाकर
और ज़्यादा बावला हो गया हो

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दोस्तो!

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पता तो करो…

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कामरेड कहाँ है?
कामरेड कैसा है?
कामरेड क्या कर रहा है?

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दोस्तो!

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पेट्रोल से भी
ड्राइक्लीन नहीं होते
कामरेड की गद्दारी के दाग़ धब्बे!

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आप क्या कहते हैं???

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( मनमीत सोनी )

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