दिल के हर दर्द की दवा न ढूंढिये
दिल के हर दर्द को हवा न दीजिये
ऐसे किसी खास दर्द के संग संग
क्यों न जीना सीख लीजिये…
कुछ सवालों का कोई जवाब नहीं होता
कुछ का जवाब ढूंढना अच्छा नहीं होता
कुछ बातों का जिक्र अच्छा नहीं होता
या ईनके जिक्र से फायदा नहीं होता
ईसलिये मन के गहरे में उन्हें रहने दीजिये
दिल के हर दर्द की दवा न ढूंढिये…
दिल की बात न कहना कठिन है
बावले दिल पर भरोसा भी कठिन है
आंखो में उभरे आंसु छिपाना भी कठिन है
किंतु शिकायत किससे कितनी कीजिये
दिल के हर दर्द की दवा न ढूंढिये…
उम्मीद करते रहें कभी वह दिन आयेगा
मन के समेटे अंधेरो को समय मिटायेगा
सूखे आंसुओं की लकीरे वह पोंछेगा
और हमें हवा की तरहा उडना सिखायेगा
तब जिंदगी के हाथों जिंदगी सौंप दीजिये
दिल के हर दर्द की दवा न ढूंढिये
दिल के हर दर्द को हवा न दीजिये
( नंदिनी मेहता )